Posted on: 04 Dec 2017
शशि कपूर जिसको फिलाहल दादा साहेब फाल्के पुरूस्कार भी मिला था , क्यों मिला था ?? हमारी समझ से एकदम बाहर क्यकी अगर कलाकार के रूप में शशि कपूर एक बहुत ही घटिया और टाइप्ड कलाकार था जिसका अपना एक यूनिक स्टाइल था , बस इतना भर ही कहा जा सकता है शशी कपूर के बारे में .
ये भारत के लोगो की मानसिक गुलामी है की किसी ख़ास खानदान या परिवार के लोगो के लिए वो सिर्फ कसीदे पढ़ते है चाहे वो आदमी जितना मर्जी घटिया हो जैसा की राहुल गाँधी की योग्यता को लेकर कहा जा रहा है की राहुल बहुत योग्य

Posted on: 27 Nov 2017
दिल्ली की एक नामी विज्ञापन कम्पनी और आर जी बी प्रोडक्शन ने एक ऐसी पहल की है जिसके जरिये सभी लोग जिन्हें फिल्मो में काम करने का शौक है या टी वी विज्ञापन में काम करना चाहते है लेकिन बिना सही मार्ग दर्शन और पैसे और ऊँची पहुच के कारण कर नहीं पाते अब उनके लिए आर जी बी प्रोडक्शन ने एक ऐसा कार्यक्रम लांच किया है न सिर्फ जिसके जरिये सभी कलाकार फिल्मो में काम कर सकेंगे बल्कि कुछ पैसे भी कमा सकेंगे ..
इसके लिए सभी कलाकार , मोडल , हो या संगीतकार , कैमरामैन , या निर्देशक सभी लोग इसमें

Posted on: 23 Nov 2017
मध्यभारत से लेकर उतर भारत तक आज सबसे बड़ा मुद्दा पद्मावती फ़िल्म बनी हुई है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे है। राजपूत समाज के नेता, भारत के कानून की परवाह किये बिना सरेआम फ़िल्म की नायिका की नाक काटने, उसकी गर्दन काटने के फरमान सुना रहेहै, फ़िल्म केहीरो की टांग तोड़ने की, फ़िल्म निर्माता कासर धड़ से अलग करने पर करोड़ो रूपये की राशी (फिरौती) देने का एलान कर रहे है।सरकारे भी फ़िल्म को देखे बिना अपने राज्य में इस फ़िल्म को प्रतिबंधित कर रही है। अब मामला गर्म है तो मध्यप्रदेश के राजपूत सम्राट शिवराज चौहान ने

Posted on: 27 Apr 2017
फिल्म : सफलता शोहरत इंसान की बहुत सारी बुराइओ को छिपा लेती है और चमचे लोग उसे महान बनाने पर तुले रहते है, यह काम ब्राह्मणवादी लोग बहुत अच्छे ढंग से करते है, बिना बात में अपने ब्राह्मणवादी मित्र की तारीफों के पुलिंदे बांधते रहते है जबकि ऐसा होता नहीं है.
फिल्म जगत में लता मंगेशकर ऐसा ही एक नाम है जिसे लोग सुरों की देवी या सुरों की मलिका कहते है जबकी यह बिलकुल गलत है दरसल वैसे तो गाते-गाते आदमी गवैय्य हो जाता है वही हाल लता मंगेशकर का है, अगर हम लता के शुरूआती दौर को देखे तो ये मलिका

Posted on: 14 Feb 2017
फ़िल्मी दुनिया में कुछ नाम ऐसे है जो सिर्फ इसलिए मशहूर है क्योकि उनके पीछे एक बहुत बड़ा जातिय और धार्मिक समीकरण जुड़ा हुआ है अन्यथा वो लोग कही भी नहीं जैसे राज कपूर , राज कुमार , मनोज कुमार , राजेंदर कुमार धर्मेन्द्र , आदि आदि ऐसा ही एक नाम है महमूद का जिसे बोलीवूड में कॉमेडी का किंग कहा जाता है और कुछ लोग और संघठन बाकी कोमेडी कलाकारों के साथ कोई न्याय ही नहीं करना चाहते .

अगर हम दिए गए नाम के कलाकारों के बारे में देखे तो पायंगे की इन कलाकारों को एक्टिंग के नाम पर

Posted on: 07 Aug 2016
12 अगस्त को प्रदर्शित होने वाली फिल्म मोहेंजो-दारो को राजन कुमार का यह लेख भारत की आदिवासी परंपरा और इतिहास पर शातिर हमला बता रहा है। इस फिल्म को बैन किये जाने की मांग कर रहा है। सवाल है कि अपनी मनमाना व्याख्याओं के साथ अच्छी फिल्मों पर कैंची चलाने वाला सेंसर बोर्ड इस इतिहास विरोधी फिल्म को रिलीज होने से रोक सकेगा

अगस्त को जब पूरा संसार ‘विश्व आदिवासी दिवस’ मना रहा होगा और भारत के आदिवासी ‘विश्व आदिवासी दिवस’ मनाकर 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहे होंगे, तभी 12 अगस्

Posted on: 03 Feb 2016
Not only in India but across the world Systematic planned murder of a Dalit Student has ignited the unrest among the all intellectuals , social circles and political circle , students from Oxford , Boston , Alberta Indonesia , Japan , have raised their voice against Indian Government and Delhi Police action
Day before yester Delhi Police Commissioner who is devotee of Narender Modi ordered the lathcharge on the students in which girls indiscriminately were beaten and manhandled by t

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